गाय पर निबंध पढ़ें हिंदी में Essay on Cow in Hindi

नमस्कार दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने गाय पर निबंध यानि Essay on Cow in Hindi में लिखा है। जोकि स्कूल के बच्चों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा।

भारत में गाय का पूजनीय स्थान है । प्राचीन काल में साधु-संत, ऋषि-मुनि अपने आश्रमों में गायें पाला करते थे । महर्षि जाबालि ने तो अपने शिष्य सत्यकाम को गौ सेवा का भार सौंपा था और उन्हें तब तक चराते रहने का आदेश दिया था जब तक उनकी संख्या दोगुनी न हो जाए ।

महर्षि वशिष्ठ और विश्वामित्र का प्रसंग गाय के प्रति हिन्दुओं की निष्ठा और ललक का प्रतीक है । धर्मपरायण भारत में गाय को ‘माता’ कहकर सम्मानित किया गया, क्योंकि वह माँ के समान ही हमारा पालन करती है ।

नर गाय को बैल कहते हैं । गाय का बच्चा बछड़ा कहलाता है । बैल को खेती के कामों में, गाड़ी खींचने के लिए, पानी निकालने के लिए उपयोग में लाते हैं । गाय ‘माँ’ के स्वर का मधुर उच्चारण करती हैं । दिल्ली की सड़कों पर गाय गन्दगी में मुंह मारती नजर आती हैं ।

गाय पर निबंध पढ़ें हिंदी में Essay on Cow in Hindi

  • प्राचीन काल में राजा, ब्राह्मणों को गो-दान भी देते थे ।
  • जिसमें राजा अपनी गौशाला की स्वस्थ गाय देता था ।
  • कन्याओं को भी विवाह के अवसर पर गाय उपहार में दी जाती थी ।
  • यज्ञ की समाप्ति पर भी गोदान दिया जाता था ।
  • प्राचीन काल में मकान और फर्श कच्चे होते थे, उन्हें गाय के गोबर से लीपा जाता था ।
  • गोबर का ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है । गोबर के उपले बनाकर जलाए जाते थे ।
  • वर्तमान समय में ‘गोबर गैस का भी प्रयोग किया जाता है जिससे धुंआ नहीं निकलता और आखे भी ठीक रहती हैं ।
  • गाँवों की स्त्रियाँ आज भी अपना चूल्हा गोबर से लीपती हैं और पुरुष जले हुए उपलों को हुक्कों में भरकर गुड़गुड़ाते हैं ।
  • ‘गोवर्धन’ के दिन गोबर को जलाकर उसकी पूजा और परिक्रमा की जाती है ।
  • गोबर का प्रयोग खेतों में खाद के लिए भी किया जाता है।
  • गाय के मूत्र का प्रयोग दवाइयां बनाने में भी किया जाता है।
  • अनेक हिन्दू घरों में गायों की प्रतिदिन पूजा होती है।
  • सुबह और शाम को पहली रोटी गाय के लिए निकाली जाती है।

गाय से जुडी कुछ और ख़ास बातें

भारत की राजधानी दिल्ली में, जहां घनी आबादी है, वहाँ सड़कों और गलियों में गायें बिना बाधा के विचरण करती हैं । गाय उन सड़कों पर बैठकर जुगाली कर लेती है जहाँ तीव्र गति के वाहन दौड़ते हैं।

गाय को बचाने के चक्कर में कई बार बस चालकों से दुर्घटना हो जाती है, लेकिन गाय को खरोंच तक नहीं आती ।

सरकार को चाहिए कि इन गायों के लिए एक गौशाला कानिर्माण करे, इन्हें वहाँ रखकर इनकी उचित देखभाल की जाए, जिससे दूध का अधिक उत्पादन हो । ईश्वर का श्रेष्ठ उपहार गाय है, जो उसने मानव के लिए दिया है । भारतीय परम्परा के पूज्य पशुओं में गाय का स्थान सर्वोपरि है । यह परोपकारिणी है । गाय की सेवा सुश्रूषा से परम पुण्य की प्राप्ति होती है । मन की कामनाओं को पूर्ण करने के कारण इसे कामधेनु कहा गया है ।

भूमिका: Role of Cow in World

गाय का यूं तो पूरी दुनिया में ही काफी महत्व है, लेकिन भारत (India) के संदर्भ में बात की जाए तो प्राचीन काल से यह भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है। चाहे वह दूध का मामला हो या फिर खेती के काम में आने वाले बैलों का । वैदिक काल में गायों की संख्या व्यक्ति की समृद्धि का मानक हुआ करती थी । दुधारू पशु होने के कारण यह बहुत उपयोगी घरेलू पशु है ।

उपयोगिता: Uses of Cow in Hindi

  • गाय का दूध बहुत ही पौष्टिक होता है ।
  • यह बीमारों और बच्चों के लिए बेहद उपयोगी आहार माना जाता है ।
  • इसके अलावा दूध से कई तरह के पकवान बनते हैं ।
  • दूध से दही, पनीर, मक्खन और घी भी बनाता है ।
  • गाय का घी और गोमूत्र अनेक आयुर्वेदिक औषधियां बनाने के काम भी काम आता है ।
  • गाय का गोबर फसलों के लिए सबसे उत्तम खाद है ।
  • इसके के मरने के बाद उसका चमघ, हड़िया व सींग सहित सभी अंग किसी न किसी काम आते हैं ।

अन्य पशुओं की तुलना में गाय का दूध बहुत उपयोगी होता है । बच्चों को विशेष तौर पर गाय का दूध पिलाने की सलाह दी जाती है क्योंकि भैंस का दूध जहां सुस्ती लाता है, वहीं गाय का दूध बच्चों में चंचलता बनाए रखता है । माना जाता है कि भैंस का बच्चा (पाड़ा) दूध पीने के बाद सो जाता है, जबकि गाय का बछड़ा अपनी मां का दूध पीने के बाद उछल-कूद करता है ।

गाय न सिर्फ अपने जीवन में लोगों के लिए उपयोगी होती है वरन मरने के बाद भी उसके शरीर का हर अंग काम आता है । गाय का चमडा, सींग, खुर से दैनिक जीवनोपयोगी सामान तैयार होता है । गाय की हड्‌डियों से तैयार खाद खेती के काम आती है ।

शारीरिक संरचना: Physical Structure Of Cow in Hindi

गाय जिसको हम गौ माता भी कह कर बुलाते हैं के इस आर्टिकल Essay on Cow in Hindi के अगले भाग में जानेंगे इसकी शारीरिक सरंचना। गाय का एक मुंह, दो आखें, दो कान, चार थन, दो सींग, दो नथुने तथा चार पांव होते हैं । पांवों के खुर गाय के लिए जूतों का काम करते हैं । गाय की पूंछ लंबी होती है तथा उसके किनारे पर एक गुच्छा भी होता है, जिसे वह मक्खियां आदि उड़ाने के काम में लेती है । गाय की एकाध प्रजाति में सींग नहीं होते ।

गायों की प्रमुख नस्लें: Famous Breeds of Cow in Hindi

गायों की यूं तो कई नस्लें होती हैं, लेकिन भारत में मुख्यत: सहिवाल (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, बिहार), गीर (दक्षिण काठियावाड़), थारपारकर (जोधपुर, जैसलमेर, कच्छ), करन फ्राइ (राजस्थान) आदि हैं । विदेशी नस्ल में जर्सी गाय सर्वाधिक लोकप्रिय है । यह गाय दूध भी अधिक देती है । गाय कई रंगों जैसे सफेद, काला, लाल, बादामी तथा चितकबरी होती है । भारतीय गाय छोटी होती है, जबकि विदेशी गाय का शरीर थोड़ा भारी होता है ।

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निष्कर्ष: Conclusion

गाय पर लिखा गया ये आर्टिकल Essay on Cow in Hindi आपको कैसा लगा हमें ईमेल के माध्यम से जरूर बताएं। कुल मिलाकर गाय का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व है । गाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तो आज भी रीढ़ है । दुर्भाग्य से शहरों में जिस तरह पॉलिथिन का उपयोग किया जाता है और उसे फेंक दिया जाता है, उसे खाकर गायों की असमय मौत हो जाती है ।इस दिशा में सभी को गंभीरता से विचार करना होगा ताकि हमारी आस्था और अर्थव्यवस्था के प्रतीक गोवंश को बताया जा सके । ये आर्टिकल पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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