Benefits of Buttermilk for Skin Glowing, Maintain Blood Pressure in Hindi

Benefits of Buttermilk नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करेंगे दही से बनने वाले लस्सी (Buttermilk), जिसको छाछ भी बोल देते हैं. उसके कुछ लाभ के बारे में Health Benefits of Buttermilk और किस किस को पीनी चाहिए ? कब पीनी चाहिए और इसे सही तरह से बनाने का ढंग क्या है, यह आज हम इस लेख में पूरी तरह कवर करेंगे.

लस्सी (छाछ) क्या है ? What is Buttermilk

देखिये लस्सी क्या है पहले इस चीज को समझना है, एक गिलास लस्सी लीजिये अपनी समर्था के हिसाब से (जितना आप पचा सकें), अब इसमें एक चौथाई (one fourth) साफ़ पीने वाला पानी डाल दें, याद रखें अगर वह एक कटोरी पूरी होगी तो ही आप उसमें से सही मात्रा में मक्खन निकल सकता है.

अब इसको आपने अच्छे से मथना है (grind) कर लेना है दस मिनट तक मथने पर आप देखेंगे इसके ऊपर मक्खन (butter) आ गया है. इस मक्खन को आप बच्चों को दे सकतें हैं ये उनकी सेहत बनाने में काफी मदद करता है चाहे तो बड़े भी इसका उपयोग नाश्ते में कर सकते हैं और जो नीचे पानी जैसा बच गया है वो है मठ्ठा यानी छाछ (Buttermilk).

छाछ के अद्भुत फायदे Buttermilk Health Benefits

पित्त रोग : देखें अगर तो पित्त रोग है, पित्त रोग का मतलब है शरीर में गर्मी पड़ी होना, लीवर में गर्मी पड़ी होना, पीलिया होना या ऐसा कुछ होना की नकसीर फट गयी ये सब पित्त रोग हैं तो पित्त रोग में इसमें शक्कर (गुड़) डाल कर लेना होता है तो गुड़ डाल कर इसको आप दोपहर के खाने के बाद ले सकते हैं सुबह भी ले सकते हैं

लेकिन दोपहर में पीने से ज्यादा फायेदा मिलेगा वह इस लिए क्यूंकि दोपहर में शरीर का तापमान ज्यादा गरम होता है इस लिए अगर इसे दोपहर के समय लें तो ज्यादा बेहतर होगा और शाम तक आपके शरीर में पूरी तरह से पच भी जायेगा।

खांसी रोग : अगर खांसी का रोग हो तो इस से बेहतर कोई और चीज नहीं है, तो खांसी से बचाव के लिए इसे कैसे लेना है चलिए शुरू करते हैं, छाछ में थोड़ा सेंधा नमक (Rock Salt) डाल लें, थोड़ी काली मिर्च (Black Paper) और थोड़ी सी सोंठ डाल दें जिसे अंग्रेजी में Dry Ginger बोलते हैं. और हाँ अगर हो सके तो थोड़ा सा पीपली (Pipli) पाउडर डाल दें और इसको भी दोपहर के समय लेंगे तो वो खांसी (Cough) रोग में काम करेगा यानी के फिर Cough नहीं बनेगा.

वात रोग : अगर ये वात रोगों में लेनी है जैसे दर्दें होतीं हैं शरीर में या कई लोगों को होता है की वायु है शरीर में भारीपन महसूस होता है तो उस स्थिति में क्या करें, इसमें साधारण सेंधा नमक, जीरा भुना हुआ और थोड़ी सी हींग मिला कर लें सकते हैं, कई लोग पूछते हैं हमें तो त्वचा का रोग है हमें दही मना की हुई है तो भी इस छाछ को ले सकते हैं पर याद रहे दही साधारण तरीके से मिटटी के बर्तन में जमाया हुआ हो और मीठा हो खाने में.

त्वचा के लिए फायदेमंद Benefits of Buttermilk for Skin

दोस्तों छाछ (Buttermilk) हमारी त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होती है, अब बात करें की किस तरह ? छाछ में अगर रूई डाल कर अगर उस से त्वचा को साफ़ करें तो बहुत फायदा मिलेगा और मान लें अगर आपने चेहरा पहले से ही पानी से धोया हुआ है तब भी आपको थोड़ी बहुत धुल मिल जाएगी. उसमें जो लस्सी की जो हलकी सी खट्टास होती है वो इन सब चीज़ों में बहुत फायदेमंद है आप किसी भी तरह का कोई face pack बना रहे हैं और आपकी त्वचा तैलीय है तो लस्सी एक गुणकारी नुस्खा है त्वचा में निखार लाने के लिए. लस्सी का सेवन करने से शरीर की अंदरूनी ताकत बढ़ती है कोशिकाये दोबारा बनती हैं (Re-Developed).

गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद Buttermilk During Pregnancy

Buttermilk During Pregnancy
Buttermilk Benefits During Pregnancy

लस्सी का तीसरा जो फायदा है वो है गर्भवती महिलाओं के लिए, दोस्तों लस्सी गर्भधारन में बहुत लाभकारी होती है. हम जानते हैं गर्भधारन के दौरान महिलाओं को बहुत परेशानी हो जाती है और कुछ खाने का मन नहीं करता है. समझ नहीं आता है की भूख लगी है या नहीं लगी, खाना खाना है या नहीं खाना है, ऐसे में लस्सी आपके लिए बहुत लाभकारी साबित होती है. आप दोपहर के समय लस्सी किसी भी तरह ले सकते हैं आप मीठा बना कर ले सकते हैं, नमकीन बना कर ले सकते हैं आप चाहे तो कुछ भी मत मिलाइये उसमें ऐसे ही लस्सी पी सकते हैं. गर्भधारन में महिलाओं के लिए इस लिए लाभकारी है कयूंकी उनके पेट में पल रहे बच्चे के लिए भी बहूत पौष्टिक साबित होती है.

पेट में बच्चे के जो अंग विकसित होते हैं विशेष रूप से जब आमाशय जब बनता है बच्चे का तो उसके लिए यह ज्यादा फायदेमंद है कयूंकि आमाशय को ताकतवर होना बहुत जरुरी होता है. बच्चा जब पेट से बहार आता है तो सिर्फ तरल भोजन नहीं और भी बहुत सारी चीज़ें खानी होती हैं.

यानी सम्पूर्ण भोजन दिया जाता है ६ महीने बाद तो बचपन से ही यानी माँ के पेट से ही बच्चे का आमाशय इतना सवस्थ है तो बाहर आकर उनको पेट की परेशनियां नहीं होती और ऐसा बोला जाता है की गर्भधारन के दौरान जिन जिन समस्याओं का समाधान माँ ढूंढ लेती है यानी अपने शरीर का पूरा ध्यान रखती है अपने को कोई रोग नहीं होने देती तो बच्चा भी उन सब रोगों से मुक्त रहता है. इसीलिए गर्भधारन में लस्सी बहुत लाभकारी है आपके लिए और आपके बच्चे के लिए.

ब्लड प्रेशर को सामान्य करे Blood Pressure Control

Blood Pressure Control
Blood Pressure Control with Buttermilk

लस्सी का चौथा जो फायदा है वो है BP रोगियों के लिए जिनको ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है. कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर (BP) उच्च रहता है और कुछ लोगों का कम रहता है.

ऐसे में बहुत उपयोगी है अगर आप लस्सी में नमक मिला कर पियें तो अगर आपका BP कम रहता आपको फायदा मिलेगा। और अगर आपका BP उच्च रहता है तो इसमें शक़्कर (गुड़) डाल कर पियें आपका ब्लड प्रेशर सामान्य हो जायेगा।

दोनों ही अवस्थाओं में आपको ध्यान रखना है की नमकीन लस्सी आप पी रहें हैं आपका ब्लड प्रेशर सामान्य हो जायेगा और अगर उच्च रक्तचाप की समस्या है तो शक़्कर (गुड़) डाल लें. कुछ ही दिनों में आप महसूस करेंगे आपको फायदे होंगे लेकिन ये आपको रोज़ाना पीना पड़ेगा।

आयुर्वेद में होमियोपेथी में हम जिन भी घरेलू नुस्खों की बात करते हैं शरीर के लिए वो लाभकारी होती हैं नुकसान कुछ नहीं होते परिणाम भी मिलता है लेकिन थोड़ा धैर्य के साथ हमको वो चीज़े रोजाना तरीके से सेवन करनी होती हैं और उनका इस्तेमाल करना होता है. दोस्तों ब्लड प्रेशर के साथ साथ ये हमारे कोलेस्ट्रॉल को भी सामान्य करता है.

निष्कर्ष : Conclusion

दोस्तों उम्मीद करता हूँ आपको छाछ के फायदे की (Benefits of Buttermilk) ये जानकारी बहुत पसंद आयी होगी, मेरी आगे भी यही कोशिश रहेगी की में बढ़िया से बढ़िया लेख आपके लिए लेकर आता रहूं। अगर आपको ये लेख अच्छा लगे तो कृपया इसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ साँझा करियेगा और मुझे प्रेरित करते रहिये ताकि अच्छी से अच्छी सेहत की जानकारी आपको देता रहूं।

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