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Vande Mataram Lyrics in Hindi वन्दे मातरम् गीत के बोल हिंदी में

by Rohan Mathew
Vande Mataram Lyrics In Hindi

अगर आप Vande Mataram Lyrics हिंदी भाषा में पढ़ना चाहते हैं तो आप बिलकुल सही वेबसाइट आये हैं। हमारे आज के इस लेख में हम आपको Vande Mataram Song Lyrics in Hindi गीत के बोल आपके साथ सांझा करेंगे और इस गीत की पूरी जानकारी देंगे।

आप सब जानते ही होंगे की भारत ऋषि मुनियों व् धर्म गुरुओं का देश है। यहाँ पर बहुत सारे महान लेखक, गायकों का जन्म हुआ है। जिन्होंने हमारे देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। जिनमे Swami Vivekanand और रबिंद्रनाथ टैगोर जी का भी नाम आता है।

एक ऐसा ही देश भक्ति हमारे देश की महान हस्ती रबिंद्रनाथ टैगोर जी द्वारा गाया जिसका शीर्षक है Vande Mataram.

तो चलिए पढ़ते हैं Vande Mataram Lyrics in Hindi और जानते हैं इस गीत के बारे में विस्तार से।

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Vande Mataram Song Lyrics in Hindi वन्दे मातरम सांग लिरिक्स

जैसा की मैंने आपको पहले ही बता दिया की Vande Mataram राष्ट्र भक्ति गीत है जिसे श्री रबिंद्रनाथ टैगोर जी ने गाया है। इस गीत के लिरिक्स आप नीचे पढ़ सकते हैं। जो की हिंदी में दिए गए हैं।

वन्दे मातरम्

सुजलां सुफलाम् मलयजशीतलाम्

शस्यश्यामलाम् मातरम्।

शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीम्

फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीम्

सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्

सुखदां वरदां मातरम्॥ १॥

वन्दे मातरम्

 कोटि कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले

कोटि-कोटि-भुजैर्धृत-खरकरवाले,

अबला केन मा एत बले।

बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं

रिपुदलवारिणीं मातरम्॥ २॥

वन्दे मातरम् ।

तुमि विद्या, तुमि धर्म तुमि हृदि,

तुमि मर्म त्वम् हि प्राणा:

शरीरे बाहुते तुमि मा शक्ति,

हृदये तुमि मा भक्ति,

तोमारई प्रतिमा गडी मन्दिरे-मन्दिरे॥ ३॥

वन्दे मातरम् ।

त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी

कमला कमलदलविहारिणी वाणी विद्यादायिनी,

नमामि त्वाम् नमामि कमलाम्

अमलां अतुलाम् सुजलां सुफलाम् मातरम्॥४॥

वन्दे मातरम् ।

श्यामलाम् सरलाम् सुस्मिताम्

भूषिताम् धरणीं भरणीं मातरम्॥ ५॥

वन्दे मातरम् ।

Vande Mataram Song History in Hindi “वन्दे मातरम्का इतिहास

ब्रिटिश शासन ने भारत वासियों को बहुत हद तक सताया और उन्हें मजबूर कर दिया गुलामी करने के लिए, ऐसे में उनके खिलाफ खड़े होने वाला और देश की जनता में जुनून भर देने वाला एक गीत है “वंदे मातरम”।

यह केवल एक गीत नहीं बल्कि लोगों की भावनाओं से जुड़ा एक एहसास है -देशभक्ति का एहसास।

पीढ़ियां गुज़रती रही मगर वंदे मातरम के इस शब्द में जो जोश है वह कभी कम नहीं हुआ।

वन्दे मातरम् गीत से संबंधित एक बड़ा ही मनोरंजक किस्सा भी है। जब बंकिम चैटर्जी यह गीत लिख रहे थे तब उनके दोस्त बंदोपाध्याय उनके घर आए और उन्होंने यह वंदे मातरम गीत पढ़ा।

गीत को पढ़कर वो बोले कि लिखा तो काफी अच्छा है परंतु मुझे नहीं लगता कि यह इतना कठिन गीत लोगों की ज़ुबान पर आसानी से चढ़ पाएगा।

यह सुनकर बंकिम जी मुस्कुराए और कहने लगे कि मेरा यह गीत ना केवल लोगों की जुबान पर चढ़ेगा बल्कि सदियों तक गाया भी जाएगा ।  आज हम सब देखते हैं कि किस तरह हर स्कूल कॉलेज या कोई भी ऐतिहासिक दिवस होता है तो सबसे पहले याद किए जाने वाला यही गीत है। लोगों की भावनाएं जुड़ चुकी है “वन्दे मातरम् से।

Composition of Vande Mataram Song वंदे मातरम” गीत की रचना

  • यह एक संस्कृत व बंगाली भाषा का मिश्रित गीत है जो कि 1870 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था ।
  • इस गीत को उन्होंने अपनी बंगाली नावल “आनंदमठ” में भी जगह दी थी।
  • यह बंगाली गीत एक संस्कृत कविता के साथ लिखा गया था।
  • उस संस्कृत कविता को रबिंद्रनाथ टैगोर जी ने 1829 में गाया था, वे इसे बड़े सौभाग्य की बात मानते थे।
  • वंदे मातरम सबसे पहली बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1896 के सत्र में गाया गया था।
  • आज भी अपने देश और भारत के प्रति प्यार जताने के लिए विभिन्न अवसरों पर यह गीत गाया जाता है।
  • मातृभूमि को समर्पित करने वाले कई गीतों में या सबसे पहला है।
  • यह इकलौता गीत है जो राष्ट्रवादी आंदोलनों का प्राण मंत्र बन गया।
  • इस खूबसूरत रचना के लिए अरविंद घोष ने बंकिम चंद्र चटर्जी कोराष्ट्रवाद का ऋषि” उपमा से सम्मानित किया था।

गीत की खुबसूरती

इस गीत के द्वारा हम अपनी मातृभूमि से प्रेम जताते हैं कि किस प्रकार इस मां जैसी मातृभूमि की हम कदर करते हैं और वंदना भी करते हैं। आज जो हमें स्वच्छ पानी मिल रहा है, अच्छे ताजे फल जिन्हें हम खाते हैं, ठंडी ठंडी बहती हवाएं, सब्जी मातृभूमि की देन है।

सबसे ज्यादा इस मातृभूमि की अहमियत हमारे किसानों के लिए है।

कभी गौर से देखना इन लहराते हुए हरे भरे खेतों को, तुम देश की खूबसूरती को बड़े करीब से महसूस कर पाओगे।चाहे चमकती रात हो या जगमगाती सुबह दोनों ही मातृभूमि की खूबसूरती पर चार चांद लगा देते हैं। सूर्य की किरणें हमेशा नई आशाओं का संदेश देती है।

गीत में छिपी एकता।

देश में रहने वाले विभिन्न प्रकार के लोग और उनके द्वारा बोली जाने वाली अलग-अलग भाषाएं, यही सब बनाते हैं एकता में अनेकता। हमारे भारत में भी हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी एक साथ मिलजुल कर एक आसमान के नीचे रहते हैं।

इस गीत से भी हमें यही शिक्षा मिलती है की इंसान की पहचान धर्म या जाति से नहीं बल्कि हिंदुस्तान से है और उसे फक्र होना चाहिए अपने हिंदू होने पर। जिस प्रकार बॉर्डर पर खड़े हमारे जवान भाई बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति की रक्षा करने की कसम खाते हैं, उसी प्रकार हमें भी हमारे इस प्यारे देश को हमेशा संभाल कर रखना चाहिए।

शक्तियों का भंडार।

आपने 30 करोड़ देवी देवताओं की कहानियां तो बहुत सुनी होंगी।

यह कहानियां हमारे देश के इतिहास की ताकत का प्रदर्शन करती हैं कि किस प्रकार कोई भी औरत कभी सीता, तो समय आने पर कभी काली का रूप धारण कर सकती है।

अपने परिवार और खुद के आत्मसम्मान के लिए एक स्त्री हर हद तक जा सकती है।

इतनी शक्तियां होने के बावजूद भी एक स्त्री से ज्यादा कोमल हृदय किसी का भी नहीं हो सकता।

बस कुछ इसी तरह की खूबियां हमारी मां समान मातृभूमि में है जो न केवल हमें शक्तिशाली होने का जीता जागता उदाहरण देती है बल्कि सहनशील और बलवान भी बनाती हैं। यह गीत ज्ञान का भंडार है जो हमें सिखाता है की धर्म की राह पर चलने वाले वो राहगीर बनो जो अपना एक लक्ष्य तय करके चलता है और तब तक हार नहीं मानता जब तक की जीत हासिल ना कर ले। यह गीत हमें हमेशा सच की राह पर चलने की सीख देता है।

Aim of Vande Mataram Lyrics in Hindi वन्दे मातरम् गीत का उद्देश्य

एक बात यह भी है कि इंसान चाहे पैसे से कितना भी बड़ा बन जाए परंतु किसी भी व्यक्ति पर इस मातृभूमि का  इतना ज्यादा एहसान है कि वह ऐसी एक नहीं हजारों जिंदगी भी कुर्बान कर दे तो भी इस मातृभूमि का दास ही कहलायेगा।

गंगा जैसी पवित्र नदियों का वास है इस भारत में जो हमें हमेशा यही सिखाते हैं की किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है उसकी पवित्रता और उसकी सच्चाई। झूठ एक बार बच सकता है बार-बार नहीं और अंधकार कितना भी हो सच हमेशा सामने आता है।

वन्दे मातरम् गीत का मूल उद्देश्य हर भारतवासी के हृदय में देश के लिए प्रेम जागृत करने का है उसे यह सीख देने का है की किस प्रकार हौसला रख कर कोई भी जंग जीती जा सकती है चाहे वह अंग्रेजों से ही क्यों ना हो। इस जीत के पीछे की वजह भी देशभक्ति की भावना ही थी। बंकिम चंद्र चटर्जी इसके माध्यम से अंग्रेजों को चेतावनी देना चाहते थे कि चाहे कितने भी षड्यंत्र रच ले, परंतु देश की मिट्टी को भी ठेस नहीं पहुंचा सकते।

सारांश

आज की युवा पीढ़ी से भी यही आशा की जाती है कि वे समय-समय पर देश के लिए और देश के हित के लिए हमेशा तत्पर और समर्पित रहेंगे।

सुन! मेरे देश के वासी यह धरती तेरी अमानत है जब तक तेरी सांसे चलती रहेंगी इसकी हिफाजत तेरी जिम्मेदारी है।

उम्मीद करता हूँ आज का ये लेख जिसमें Vande Mataram Lyrics in Hindi में आपके लिए दिए गए हैं। आपको Vande Mataram Lyrics गीत के बारे में दी गयी पूरी जानकारी ज़रूर पसंद आयी होगी। इसे आप अपने दोस्तों, रिश्तेदारों के साथ इस लेख को ज़रूर शेयर करें। ये लेख पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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4 comments

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