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English Bolna Kaise Sikhe ? [बस ये TIPS Follow करो और बन जायो मास्टर ]

by Ragini
English Bolna Kaise Sikhe

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घर बैठे फ्री में English Bolna Kaise Sikhe ? अगर आप भी इंगलिश सीखना चाहते हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए बेस्ट है। इस आर्टिकल में Step by Step English Speaking की ट्रेनिंग Basic Level से Advanced Level तक दी गयी है।

अगर आप विस्तार से जनना चाहते हैं की English Kaise Sikhe Online तो इसे पूरा जरूर पढ़ें और आप देखेंगे की पहले 15 दिनों में ही आप अच्छे से Machine की तरह English Language बोलना सीख जाओगे।

इंग्लिश कैसे सीखें ऑनलाइन – English Bolna Kaise Sikhe

इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कैसे आप घर बैठे कैसे English Speaking Course कर सकते हैं। और आपको इसके लिए कुछ भी ऑनलाइन पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

क्या आप स्टूडेंट्स है ? या आप हाउसवाइफ है? या फिर आप रिटायर्ड पेंशनर है? या फिर आप कुछ अलग करना चाहते हैं ? अगर आपकी सभी परेशानियों का कारण आपका इंग्लिश ना बोल पाना यह है तो यह लेख आपके लिए ही है।

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अगर आप घर बैठे हैं और English Bolna Kaise Sikhe के इस विषय को अच्छे से समझ गए तो फर्राटेदार तरीके से बोलने में कामयाब हो सकते हैं। आपको केवल यह करना है कि आपको हमारे बताये टिप्स पर गौर करना है। उसके अनुसार आपको एक एक्शन प्लान बना कर अपना अभ्यास शुरू करना है।

बाद में आप देख देखोगे कि आप खुद बहुत ज्यादा इंप्रूव हो चुके हो और आपको अब वैसी परेशानी नहीं आ रही है जैसी शुरुआती दौर पर होती थी साथ ही आप में आत्मविश्वास बढ़ गया है और आप अच्छे से बिना झिझक इंग्लिश बोल सकते हो!

English को भाषा की नजर से देखना – (English is As Easy as Language Subject)

कोई भी भाषा एक माध्यम होता है, जो व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से अपने विचारों का आदान-प्रदान का माध्यम देती है। भाषा में व्यंजन, स्वर और वर्ण विचार होते हैं,

जिसके जरिए हम अपने मन की बातें दूसरे व्यक्ति से कर सकते हैं, अच्छा संवाद कौशल्य बनाकर हम समाज में एक आदर्श व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं । भाषा मनुष्य को बनाती है भाषा मनुष्य को बड़ा करती है।

इंग्लिश -अंतर्राष्ट्रीय भाषा-(English-International Standard Language )

  • अंतर्राष्ट्रीय भाषा, राष्ट्रीय भाषा, प्रादेशिक भाषा और बोली भाषा यह भाषा के प्रकार हैं।
  • अंतर्राष्ट्रीय भाषा में बहुत सारी भाषाओं का समावेश है, मगर मुख्यत: इंग्लिश को अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में जाना जाता है और अपनाया जाता है ।
  • इंग्लिश को जागतिक स्तर पर सभी देशों ने स्वीकार किया है ।
  • अंतरराष्ट्रीय करार बनाने में मुख्यतः इंग्लिश का ही उपयोग किया जाता है ।
  • इसका कारण यह है कि इंग्लिश भाषा पूरे विश्व में समझी ,बोली और सीखाई जाती है।

भारतीय लोगों में इंग्लिश सीखने के लिए अरुचि के कारण – (Reason for India’s People Dislike to Learn English)

भारत में बहुत सारी प्रादेशिक भाषाएं बोली जाती है। जैसे पंजाब में पंजाबी , हरियाणा में हरियाणवी, महाराष्ट्र में मराठी, गुजरात में गुजराती, हर राज्य के लिए अपनी क्षेत्रीय और प्रांतिक भाषा है। हर कोई अपनी पहचान अलग बनाने के लिए English Bolna सीखना चाहता है पर उसका प्र्शन है की आखिर घर बैठे फ्री में English Bolna Kaise Sikhe ।

भारत में हर राज्य के शिक्षा हेतु पढ़ाई का माध्यम राज्य की प्रांतिक भाषा ही होती हैं। राज्यस्तर पे प्रांतिक भाषा प्रथम भाषा के रूप में होती है। तथा हिंदी द्वितीय भाषा और अंग्रेज इंग्लिश तृतीय भाषा के रूप में सिखाई जाती है।

राज्य शिक्षा मंडल में प्रादेशिक भाषा पर ज्यादा फोकस करने के कारण हमेशा ही इंग्लिश को दुय्यम स्थान पर रखा गया है। इंग्लिश की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता जितना असल में देना चाहिए।

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इंग्लिश भाषा पढ़ने में कठिन क्यों लगती है ? (Why does English feel tough to learn)

जैसे कि हमने पहले ही बताया है कि भारत में जो राज्य है उनके प्रादेशिक भाषाओं में शिक्षण क्रम और अभ्यासक्रम होता है, जिसके कारण प्रादेशिक भाषा में सभी विषय पढ़ाए जाते हैं।

अपने माध्यम के विपरीत पढ़ाई में कोई दिलचस्पी दिखाई नहीं दी जाती है।प्रादेशिक भाषाओं के स्कूल में शिक्षक अंग्रेजी भी प्रादेशिक भाषा में पढ़ाते हैं, इसके कारण विद्यार्थियों में कुछ भी इंटरेस्ट नहीं बचता ।

बचपन से English Bolna एक बहुत कठिन लैंग्वेज है ऐसा सुन सुनकर विद्यार्थियों में भय निर्माण हो जाता है, उसके साथ ही इंग्लिश के कोई भी स्टोरी बुक्स, छोटे बुक्स स्कुल में अवेलेबल नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को इंग्लिश पढ़ने का और इंग्लिश की बाकी जानकारी लेने का कोई भी अवसर नहीं होता है।

इस कारण इंग्लिश के बारे में लगने वाला डर आगे चलकर और भी बढ़ने लगता है।

अपने स्कूल के अभ्यासक्रम के अलावा और कोई किताब इंग्लिश की पढ़ाई में नहीं होती है इसलिए विद्यार्थी उसी को कठिन समझकर उस में रुचि नहीं लेते हैं । इसके साथ साथ इंग्लिश ग्रामर की बहुत ज्यादा परेशानियां झेलनी पड़ती है।

कभी-कभी शिक्षक क्या पढ़ा रहे हैं वह उन शिक्षकों को भी नहीं समझता है।

कुशल शिक्षक हर जगह पर उपलब्ध नहीं है इंग्लिश का सेंटेंस फॉरमेशन, आर्टिकल्स का यूज करना, प्रीपोजिशन कहां पर यूज करने, इत्यादि जानकारी विस्तारित रूप से और अच्छे से समझाए जाए तो हर विद्यार्थी इंग्लिश अच्छी तरह से सीख सकता है और सहजता से बोल भी सकता है।

हमारी शिक्षा पद्धति में इंग्लिश पर ज्यादा जोर नहीं देने के कारण हमारे भारतीय विद्यार्थी इंग्लिश की तरफ निराशा से देखते हैं।

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इंग्लिश- अंतर्राष्ट्रीय स्तर में महत्व (English-Importance in International Level)

आपने अखबारों में पढ़ा होगा या टीवी पर देखा होगा, जब हमारे भारत से कोई मंत्री या कोई नेता बाहर देश में जाते हैं तो वहाँ के नागरिकों को वे संबोधित करते हैं। तब उस वक्त वह इंग्लिश में बात करते हैं, अगर इंग्लिश में बात भी ना करें तो कोई ट्रांसलेटर होता है जो हमारे नेता की बातें इंग्लिश में ट्रांसलेट करके वहां के नागरिकों को बताता है; कि वह क्या बोल रहे हैं !

ऐसे ही आपने देखा होगा कि बहुत सारे इंग्लिश मूवी में नीचे सबटाइटल दिया होता है जिससे आपको डबिंग जरिए बताया जाता है कि इस मूवी में सीन में क्या चल रहा है?

हॉलीवुड की मूवी में कलाकार क्या बात कर रहे हैं इसके बारे में हम अपनी भाषा में सबटाईटल भी दिये होते है जिसे पढ़कर आपको समझ में आता है कि

  • इस मूवी का विषय क्या चल रहा है?
  • और यह कलाकार क्या बातचीत कर रहे हैं ?

जब आपका कोई दोस्त या कोई रिश्तेदार अच्छी तरह से English Bolna जानता है तो आपको बहुत इनफीरियर फील होता है कि इसे कितनी अच्छी इंग्लिश आती है और मुझे बिल्कुल भी नहीं आती है!

यूं तो हम स्कूल से कॉलेज तक इंग्लिश रीड कर सकते हैं और समझ सकते हैं मगर परेशानी होती है तो सिर्फ इंग्लिश स्पीकिंग करने में! ऐसा क्यों होता है? कभी आपने इसके बारे में सोचा है? इन सभी कड़ियों को एक साथ जोड़ के हम आपके लिये लाए हैं आपकी सभी मुसीबतों का एक अच्छा समाधान। जिससे आपको पता चलेगा कि चाहे आप कोई भी हो ?

  • चाहे आप हाउसवाइफ हो ?
  • चाहे आप नौकरी करने वाले हो ?
  • या फिर आप स्टुडेंट हो ? आप घर बैठे English Bolna सीख सकते हो!

इंग्लिश स्पीकिंग का महत्व (Importance of Spoken English)

पढ़ाई पूरी करने के बाद अगर आप जॉब के लिए कहीं अप्लाई कर रहे हो और अगर जॉब शहरों में हो या मुंबई दिल्ली जैसे बड़े मेट्रोपोलोन सिटी में हो तो आपको इंटरव्यू में बहुत सारे सवालों के जवाब देने पड़ते हैं और जहां पर इंटरव्यू में सबसे ज्यादा English Bolna पड़ता है।

ऐसे में अगर आपको पूरी नॉलेज भी है तो केवल आपका इंग्लिश ना आना ही आपके जॉब लगने में और आपके अपॉइंटमेंट के बीच का एक प्रॉब्लम बन सकता है। इससे बचने के लिए आपको शुरुआती तौर से या फिर अपने पढ़ाई के साथ-साथ आपको इंग्लिश स्पीकिंग स्किल इंप्रूवमेंट में अपने खुद के ऊपर फोकस करना बहुत जरूरी होता है।

आज का युग बहुत ज्यादा स्पर्धा का युग है।आप नहीं गए तो आपके अलावा काम नहीं रुकने वाला है। बहुत सारे उम्मीदवार यहां पर तैयार ही रहते हैं एक गया नहीं तो दूसरा आ जाता है! इसलिए इस स्पर्धा के युग में टिकने के लिए आपको अपडेट रहना पड़ता है।जग जैसे चल रहा है वैसे आपको भी चलना होगा अगर आप अपना खुद का इंप्रूवमेंट नहीं करोगे तो आप इस प्रकार से स्पर्धा बाहर फेंके जाओगे और बाद में पछताने के सिवाय हाथ में कुछ भी नहीं रहने वाला है!

इंग्लिश स्पीकींग की जरुरत किस तरह पड़ती है? (When do you encounter with English speaking skill?)

जॉब इंटरव्युव- पुराने जमाने में इंटरव्यू में केवल आपका ज्ञान नापा जाता था मगर आज का दौर बदल गया है । आज बहुत ज्यादा कॉम्पिटीशन होने के कारण आपको जमाने के साथ चलना बहुत जरूरी है। आपके व्यक्तिमत्व के साथ-साथ आपको स्पीकिंग इंग्लिश का बहुत महत्व आजकल दिखाई दे रहा है। जैसे कि अगर मल्टीनेशनल कंपनी में आपको काम करना है और आपके क्लाइंट फॉरेन या इंटरनेशनल क्लाइंट है तो आपको उनके साथ अपनी भाषा में तो बात नहीं की जा सकती ना?

इसलिए उनकी भाषा और आपकी भाषा छोड़कर जो इंटरनेशनल लैंग्वेज है उसे आप दोनों को भी आना बहुत जरूरी है! उसके से साथ ही आप आपका बिजनेस या आपका जॉब प्रोफाइल अच्छा बना सकते हो अगर आपके क्लाइंट को आपकी बात समझ में ही नहीं आएगी तो आपको काम नहीं मिलेगा । इसलिए आज के दौर में इंटरनेशनल लैंग्वेज के रूप में इंटरनेशनल क्लाइंट से बात करने के लिए मल्टीनेशनल कंपनियों में स्पीकिंग इंग्लिश स्किल रहने वाले कैंडिडेट को या उम्मीदवार को भर्ती किया जाता है और इसके लिए आपको बहुत अच्छी तनख्वाह मिलती है!

अगर आपको बहुत अच्छी तनख्वाह चाहिए तो आपको खुद को इंप्रूव करना होगा, जिससे आपको बहुत अच्छे अच्छे अवसर भविष्य में मिल सकेंगे। आपकी इंग्लिश स्पीकिंग स्किल अच्छी ना होने के कारण आपने जॉब के या नौकरी के अवसर खो दिए हैं ऐसा कई लोगों के साथ हो चुका होगा। कई बार तो आपके पास बहुत ज्यादा नॉलेज होता है और आपके पास अक्ल भी होती है मात्र आपके पास इंग्लिश स्पीकिंग अच्छा ना होने के कारण आपको बहुत सारी नौकरियों के इंटरव्युव में नौकरी मिलने का मौका छोड़ देना पडा़ होगा! इस प्रकार इंग्लिश स्पीकिंग स्किल ना होना आपकी तरक्की में बहुत बार मुसीबतें खड़ा करता हुआ आपने देखा होगा।

हॉबी (As a Hobby) आपने यह भी देखा होगा कि आज चौथी, पांचवी क्लास के बच्चे भी बहुत अच्छी तरह से इंग्लिश स्पिकिंग कर सकते हैं, तो आप में यह न्यूनगंड बन जाता है कि मैं इतना ज्यादा पढ़कर भी अच्छी तरह से उनसे बातचीत तक नहीं कर सकता? या फिर कभी कभी आपको यह लगता है मुझे इंग्लिश सीखना है या मुझे English Bolna आना चाहिए।हॉबी के रुप में भी कुछ लोग भाषा सीखना पसंद करते है।

ट्रॅवलिंग में (During Travelling) जब आप किसी जगह को ट्रेवलिंग करने जाते हैं चाहे वह जगह भारत के भीतर हो या विदेशों में हो आपने हमेशा पाया होगा कि आपकी इंग्लिश स्पीकिंग स्किल कमजोर होने के कारण आप अच्छी तरह से वहां के लोगों से कम्युनिकेट नहीं कर पाते और कभी-कभी आप अपना रास्ता भूल जाते हैं! आपको वहां बहुत ज्यादा मुसीबतें झेलनी पड़ती है मात्र आपको इंग्लिश स्पीकिंग ना आने की वजह से यह सब होता है। जब आप फ्लाइट से या शिप से कभी अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर जाते हो तो आपको वहां पर केबिन क्रु और अंतर्राष्ट्रीय हवाई सुंदरिया आपसे इंग्लिश में बात करती है। कभी कभी उनकी बातें हमें समझ में नहीं आती फिर वह अपने हाव-भाव से हमें समझाने की कोशिश करते है। इसमें आपको बहुत पिछड़ापन महसूस होता है कि काश हमें अच्छे से इंग्लिश स्पीकिंग आती तो हम भी अपने काम अच्छे से निपटा पाते और अपना भी इंप्रेशन जमा पाते!

इंग्लिश सीखने के 3 स्टेप्स-(3 Steps to Learn Speaking English)

1. इंग्लिश सुनना-(Listening)

कोई भी भाषा सीखने के लिए उसे अच्छी तरह से सुनना बहुत जरूरी होता है। सुनने से आपको उस भाषा के सुर ताल ध्वनी समझ आएगी और उसे कैसे बोलना है इसका उच्चारण भी आपको समझ में आएगा। इसलिए सुनना यह बहुत जरूरी बात होती है। छोटा बच्चा भी हमारी आसपास की बातों को सुनकर ही बोलना सीखता है ।किसी भी भाषा सीखने के लिए सुनना यह पहली स्टेप होती है। इसीलिए English Bolna हो तो आपको पहले इंग्लिश अच्छे से सुनने की आदत डालनी पड़ेगी और इंग्लिश सुनने की आदत डालने से ही आपका स्किल डेवलप होगा।

2. सोचना-(Thinking)

सोचने का अर्थ यह होता है जब आप कभी अपने घर में या रिश्तेदारों से या अपने परिवार से बातें करते हो तो अगर किसी विषय पर आपकी चर्चा चल रही है तो आप उस विषय के बारे में अपनी मातृभाषा में सोचते हो और उस सोच को समझकर उसके अनुसार आप उसका उत्तर भी देते हो।  क्या हम इंग्लिश सुनने के बाद भी ऐसा ही करते है? नही!

हमें पहले से आदत पड़ रखी होती है कि अगर इंग्लिश सुनना है तो उसे हम अपनी भाषा में ट्रांसलेट करने में हमारा दिमाग काम पे लगा देते है, इंग्लिश से अपनी भाषा में शब्दों को ट्रांसलेट कर लेते हैं और उसके बाद अपना शब्दों का जुगाड़ बना कर ऐसे तैसे उसे हम इंग्लिश में कन्वर्ट करके वह बात सामने वाले से इंग्लिश में बोलते हैं! इसमें ना तो कोई कॉन्फिडन्स होता है ना हमें अपने आप पर भरोसा होता है, कि हम जो बोल रहे हैं और जो उत्तर दे रहे हैं,क्या वह सहीं है?

3. बोलना(Speaking)

भाषा सीखने के लिए अंतिम स्टेप होती है बोलना! सुनना , सोचना उसके बाद बोलना !जब आप किसी बात को सुनते हैं, तो आपको उस बात की जानकारी होती है।आपको उस बात पर सोच विचार करके अपनी एक समझ बनानी पड़ती है। उसके बाद उसी को उत्तर देने के लिए हम बोलने के माध्यम से कोशिशें करते हैं। जैसे छोटा बच्चा अपने आसपास के अपने नाना-नानी,दादा-दादी, मौंसी चाचा-चाची की बातें सुनता रहता है, उनके होठों के निरीक्षण करता रहता है और बाद में वह धीरे-धीरे सुन -सुनकर सोचने लगता है कि मुझे क्या जवाब देना है ?और उसके बाद वह बोल बनाना शुरु कर देता है। वह हमारे आवाजों को प्रति आवाज देकर बोलना शुरू कर देता है ऐसे ही English Bolna पड़ता है आपको लगातार इंग्लिश सुनना है इंग्लिश के कंसेप्ट आपको सोचने है समझने है और उसके बाद आपको क्या बोलना है यह अपने मन में तय होगा और उसके साथ कॉन्फिडेंस के साथ आप बोल सकोगे।

इंग्लिश स्पिकिंग स्कील बढाने के उपाय-(English Speaking Improvisation Remedies)

अगर आप इंग्लिश स्पीकिंग करना चाहते हो तो आपको हम कुछ टिप्स देने वाले हैं, अगर आप उनको फॉलो करेंगे तो आपको इंग्लिश स्पीकिंग अच्छी करने में बहुत देर नहीं लगेगी ।

1. इंग्लिश मुवीज देखना-(Watching English Movies)

आपको हॉलीवुड की और इंग्लिश लैंग्वेज में बनी हुई फिल्मों को बार-बार देखना होगा।

इंग्लिश मुवीज देखने से आपको उन कलाकारों के बोलने का तरीका देखने से आपको इंग्लिश सुनने की आदत हो जाएगी । मुवीज में कलाकार लोग क्या डायलॉग बोल रहे हैं? और विषय क्या चल रहा है ?और मूवी में क्या चल रहा है ? इसमें आप जुड़ जाएंगे। ऐसा तभी होगा जब आप लगातार मूवी के जरिए अपना इंग्लिश नॉलेज पूरा करने के लिए अपनी कोशिश करते रहेंगे।

इसमें शुरुआती दिनों में आपको इंग्लिश मूवीज देखना बहुत ही बोरिंग लगेगा, आपको कुछ शब्द समझ में भी नहीं आएंगे, तब आपको क्या करना है ?आपको इंग्लिश मूवीज का सबटाइटल ओपन करना है! जिसमें आपके सामने वाले एक्टर और एक्ट्रेस क्या बोल रही है इसका वर्ड में लिखा स्क्रीन के नीचे देखने को मिलेगा, आपको उसे पढ़ना है और समझना है कि कौन सा शब्द कैसे उच्चारण के द्वारा बोला जाता है ! इससे आपको शब्द बोलने का तरीका भी समझ में आ जाएगा और आपका इंग्लिश स्पीकिंग भी इंप्रूव होता जाएगा।

2. इंग्लिश न्युज देखना-(Watching English News Channel)

आपको बीबीसी न्यूज़ और वर्ल्ड न्यूज़ इंग्लिश में देखने से जगत में क्या चल रहा है? इसकी जानकारी भी मिलेगी,जागतिक स्तर पर कौन सी कौन सी न्यूज़ आ रही है? इसकी जानकारी भी होती रहेगी।साथ में आपको न्यूज़ में इस्तेमाल होने वाले नए शब्दों की जानकारी भी बढ़ती जाएगी जिससे आपके शब्दसंचय में भी बढ़ोतरी आएगी।

आपको नये शब्दों का आविष्कार होगा तथा नए शब्द  आपको समझ में आएंगे। जिससे आपका शब्द संचय बढ़ेगा और न्यूज़ में दिए गए शब्दों से आपको और नए नए शब्द सीखने मिलेंगे और आपका इंग्लिश स्पीकिंग भी अच्छा होगा।

न्यूज़ में जैसे राजकीय, प्रांतीय ,सांप्रदायिक, खेल जगत ,मनोरंजन ऐसी बहुत सारे प्रकार होते हैं। जिससे आपको बैठे-बैठे मात्र न्यूज़ देखने से ही आपका बहुत शब्दसंचय बढ़ने वाला है। ऐसे अलग-अलग सेक्शन की वजह से न्यूज़ चैनल पर न्यूज़ देखना यह एक बहुत अच्छी तरीके से आपको उपलब्धि होगी और एक आपको आत्मविश्वास होगा कि आप इंग्लिश सीख सकते हो।

3. इंग्लिश पुस्तक पढ़ना-(Reading English Books)

आपको इंग्लिश रायटर्स के बुक्स,मॅगझिन्स और नोवेल्स पढ़नी चाहिए। जिससे आपको उनके लेखनकौशल्य और तरीका समझ में आ जाएगा और उस नोवल को पढ़ने से आपको इंग्लिश पढ़ने के साथ-साथ सीखने में और बोलने भी बहुत अच्छा स्किल प्राप्त हो जाएगा।

पुस्तक हमें बहुत ज्यादा मददगार होती है ।पुस्तकों की वजह से हमें बहुत सारे शब्द को एक साथ सीखने को और पढ़ने को मिलते है।अगर ऐसी पुस्तकें हमारे पास हो तो हम खुद को डेवलप कर सकते हैं और अच्छी तरह से इंग्लिश शब्द संचय के द्वारा हम अपना इंग्लिश स्पीकिंग स्किल अच्छा कर सकते हैं ।

अलग- अलग विषयों पर लिखे  पुस्तक जैसे बिजनेस गुरु, एजुकेशन गुरु, बायोग्राफीज ऐसे इंग्लिश बुक्स भी हमारे पास अवेलेबल होने चाहिये।

आप ऑनलाइन बुक्स भी पढ़ सकते हैं आपको ऑनलाइन बुक्स भी मिल जाएंगे, साथ साथ में आपको इंग्लिश बुक्स पीडीएफ के रूप में भी मिल सकते हैं। बहुत सारी वेबसाइट से जहां पर आप यह पुस्तक डाउनलोड कर सकते हैं, जिससे आपका शब्द संचय बढ़ जाएगा और जब से आपकी डिक्शनरी बढ़ जाएगी इसके वजह से आपको कौन सा वर्ड कैसे इस्तेमाल करना है ? कैसे बोलना है ? उसके साथ कौन सा प्रीपोजिशन लगाना है ? वाक्य की रचना कैसी करनी है? ऐसा भी आप समझ जाएंगे और धीरे-धीरे करके आपका स्पीकिंग इंग्लिश स्किल बढ़ता जाएगा।

स्पोकन इंग्लिश कोर्सेस और क्लासेस-(Join Spoken English Courses And Classes)

आपको अपने शहर या अपने गांव में आज जगह-जगह पर स्पोकन इंग्लिश के कोर्सेज देने वाले क्लासेस ओपन हुए दिखाई देंगे। आपको यूट्यूब और ऑनलाइन क्लासेस भी बहुत सारे देखने को मिलेंगे। आप उनके जरिए भी अपना स्पोकन इंग्लिश का स्किल डेवलप कर सकते हैं।स्पोकन इंग्लिश क्लासेस में हमारी रोजमर्रा की जिंदगी के इवेंट के ऊपर कुछ बातचीत के कांसेप्ट बनाये हुए होते हैं। उस सिलेबस में हमसे इंटरव्यू बातचीत करने का सेशन  रख कर संभाषण को रट लिया जाता है।

स्पीकिंग इंग्लिश क्लासेस या पोपटपंछी-(Spoken English Classes-mere Byhearting)

उदाहरण के तौर पर देखा गया जाए तो ,जैसे अगर आप होटल में गए हो और आपको कुछ ऑर्डर करना है। आपको वहां के मैनेजर और वेटर से बात करनी है तो उनको कौन-कौन से सवाल पूछे जा सकते है? उनके क्या जवाब आ सकते है ?इसके बदले हमें क्या उत्तर देना है? ऐसी बहुत सारी सवालों की लिस्ट हमसे रट ली जाती है।

जिससे आप अपने उस संभाषण को रटकर उस इवेंट को अगर आपको भविष्य नें फेस करना पड़े तो आपको उस रटे हुये संभाषण की मदद मिलेगी बस यही काम करना होता है।यह पोपट पंछी वाला काम होता है स्पोकन इंग्लिश क्लासेस में ऐसे ही अनेक प्रकार के उदाहरणों पर एक संवाद रूपी अभ्यासक्रम होता है जिसका सिलेबस वह हम से रटकर अभ्यास करवा लेते हैं, जिससे हमें अगले लाइफ में जब ऐसा कोई सिचुएशन आता है ,या कोई ऐसा मौका आता है ,तो बोलने को हमें वहां पर हमारी रटी हुई बातें काम में आती है।

स्पीकिंग इंग्लिश सीखने का सही तरीका-(True method to learn English speaking)

मेरी मानो तो यह सब दिखावे की बातें हैं !उनके सिलेबस के अलावा अगर कोई इवेंट हमारी लाइफ में आता है तो क्या हम अभ्यासक्रम को ही देखे रहेंगे? मुझे लगता है कि अगर आपको स्पीकिंग इंग्लिश आना है तो आपको बिना कुछ सोचे समझे बिना कुछ रटे अपने मन से इंग्लिश स्पीकिंग करता आना चाहिए इसके लिए आपको पोपट पंछी की तरह कुछ भी रटने की जरूरत नहीं है। ना किसी सिलेबस की जरूरत है।आपको सिर्फ अपने खुद को इंप्रूव करने के लिए खुद से बात करने की जरूरत है।

इंग्लिश स्पीकिंग प्रॅक्टिस कैसे करे ?

अपने दोस्तों से कॉन्फिडेंस के साथ बात करके हम प्रैक्टिस कर सकते हैं और अपना स्पीकिंग इंग्लिश स्किल को निश्चित ही बढ़ा सकते हैं!

1. अपने मित्रो से संवाद करो (Communication With Friends)

अगर आपका कोई दोस्त भी English Bolna सीखना चाहता है,तो आप दोनों को भी इंग्लिश स्पीकिंग का प्रैक्टिस करना है । या तो आप उस दोस्त को कॉल जरिए या आमने-सामने बैठकर अपनी स्पोकन इंग्लिश की प्रैक्टिस कर सकते हैं ।

इससे आपको आपके मित्र से आपकी कुछ गलतियों की जानकारी भी मिलती है ,एकदुसरे की गलतियां निकालकर आप एक दूसरे को हँसी -मजाक में समझाकर ,गलतियों को ठीक कर के अपना स्पीकिंग इंग्लिश सुधार सकते हैं। इसमें आप बिल्कुल फ्रेंडली मैंनर से अपने आप को और अपने दोस्त को इंग्लिश स्पीकिंग का स्किल डेवलप करने मे मददगार हो सकते हैं ।

2. होम प्रॅक्टीस (Self-Practice at Home)

अगर आपके पास कोई मित्र नहीं है जो आप के साथ इंग्लिश में बात कर सकते हैं तो कोई परेशानी की बात नहीं है। आप स्वयं ही अपने आपको English Bolna सीखा  सकते हैं।

आपको आपके मोबाइल से सिर्फ एक काम करना होगा, आपके मोबाइल का वॉइस रिकॉर्डर ऑन करके या फिर वीडियो रिकॉर्डिंग करके आपको खुद से  रोज 10 से 15 मिनट इंग्लिश मे बात करनी है ।

चाहे जो भी विषय आपके दिमाग में चल रहा है ,अपने विचारों को ज्यादा से ज्यादा इंग्लिश में बोलने की प्रैक्टिस आपको करनी है। शुरुआती दौर पर आपको बहुत हँसी आएगी,आपको बहुत शर्म महसुस होगी, मगर आपको बिल्कुल घबराना नहीं है।

आपको अपने इंग्लिश स्पीकिंग स्किल को इंप्रूव करने के लिए वॉइस रिकॉर्डर से और वीडियो रिकॉर्डिंग से खुद की ही रिकॉर्डिंग करनी है ,और हम खुद क्या बोल रहे थे इसका बाद में खुद देख कर अपनी गलतियाों खुद चेक कर उसे नोट डाउन करना है।

इससे होगा क्या कि आप के ऊपर और कोई टीका नहीं करेगा। यहां पर आप ही गुरु होंगे और शिष्य भी आप ही होंगे । जिससे इंप्रूवमेंट का चान्स ज्यादा होता है और आप खुद भी देख सकते हो कि कहां पर गलती हुई है और अगली बार क्या गलती हमें नहीं करनी है ?

इसका अवलोकन कर सकते हैं और जिससे आपका English Bolna का स्किल भी आप बढ़ा सकते हैं।

3. दैनंदिन जीवन मे उपयोग (Use in Daily Basis)

इंग्लिश बोलने का और एक अच्छा उदाहरण यह है कि अगर आप जानना चाहते हैं की English Bolna Kaise Sikhe तो किसी जगह पर रोज जा रहे हो तो आप उसकी आदत करके आप अपना इंग्लिश का वर्ड वहां पर यूज कर सकती हो , शुरुआती दौर पर आपको कुछ हिंदी कुछ इंग्लिश कुछ अपनी लैंग्वेज ऐसा मिक्सअप करके अपना English Bolna स्टार्ट करना पड़ेगा ।

उसके बाद धीरे-धीरे सेंटेंस बनाना और कम से कम अपना लैंग्वेज और ज्यादा से ज्यादा इंग्लिश बोलने की आपको प्रैक्टिस करनी होगी।

उदाहरण के तौर पर लेते हैं अगर आप किसी दुकान में जा रहे हो ,आपको कुछ सामान खरीदना है तो आपको हो सके उतना इंग्लिश वर्ड का यूज करना है ।

उसके बाद आपको इंग्लिश वर्ड के साथ-साथ इंग्लिश सेंटेंस के साथ बोलने की प्रैक्टिस करनी है। उसके बाद आप अपना कॉन्फिडेंस बढ़ता हुआ देखोगे और जिससे आपको अच्छा लगता जाएगा और आपका स्पीकिंग इंग्लिश दिन-ब-दिन बढ़ता जाएगा।

स्किल बढ़ने के साथ आप खुद भी जान जाओगे कि हमारा English Bolna का आत्मविश्वास बढं रहा है। आज हम कॉन्फिडेंस के साथ English Bolna सीख सकते हैं।

आप बैंक में जाते हो उस के दौरान या फिर आप जहां भी रोज जाते हैं आप की रोजमर्रा की जिंदगी में आपको  इंग्लिश शब्द का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करना है।

जिसके जरिए आपको खुद में डेव्हलपमेंट करनी है। अगर लोग आप पर हँसेंगे तो भी आपको अपना कॉन्फिडेंस नहीं गँवाना है। एक दिन लोगों को पता चल जाएगा कि यह सीख रहा था और इसने करके दिखाया है! आपको शर्माने की कोई जरूरत नहीं है ना ही इसमें कोई लज्जा की बात है ।

आप कुछ सीखना चाहते हैं भले आपकी कोई भी उम्र क्यों ना हुई हो ?आप कभी भी सीखते हैं क्योंकि मनुष्य जीवन भर पढ़ाई करे तो भी कम ही होगा! क्योंकि Education का कोई लिमिट नहीं होता है ,अगर आप पढ़ना चाहते हो तो आपकी उम्र बीच में नहीं आ सकती।

इसलिए अगर आपने ठान ली है कि मुझे स्पीकिंग इंग्लिश स्किल बढ़ाना है तो मेहनत करना ही है।  आप बिना झिझक के बिना दिक्कत के अपना काम शुरू रखे, हमारे दिए गए प्लान को इंप्लीमेंट करके यह साबित कर सकते हो।

अगर उसमें कोई दिक्कत भी होती है तो आपको यह काम बीच में नहीं छोड़ना है। आपको तब तक अपनी कोशिशे जारी रखनी है जब तक आप कॉन्फिडन्स के साथ अच्छी तरह से English Bolna ना सीख लेते।

निष्कर्ष (Conclusion)

निष्कर्ष के तौर पर हम बस यही बताना चाहते हैं कि English Bolna केवल एक भाषा है। जैसे आपकी और हमारी कोई भाषा होती है, वैसे ही इंग्लिश केवल एक भाषा है। उसका कोई इतना टेंशन लेने की जरूरत नहीं है।

जैसे हम अपनी भाषा में सरलता से बात कर सकते हैं वैसे ही अच्छे प्रॅक्टिस के जरिए हम इंग्लिश पर भी प्रभुत्व बनाकर इंग्लिश भी बोल सकते है, स्पिकिंग इंग्लिश का अपना स्किल डेवलप करके आप इंग्लिश में अच्छी तरह से बात कर सकते हैं।

धीरे-धीरे आपका आत्मविश्वास बढ़ता जाएगा, आप English Bolna सीख जाओगे और जो गोल्स अपने लिये आपने फिक्स किए हैं वह सत्य में जरुर उतार सकोगे। आपका इंग्लिश स्पीकिंग स्किल डेवलप करने के  हमारे दिए गए एक्शन प्लान के अनुसार अगर आप काम करते हो तो खुद पर विश्वास रखते हुये आपको केवल प्रॅक्टिस करनी है,हौंसला रखना है।

एक दिन आपको अवश्य ही फर्राटेदार इंग्लिश बोलने मे कामयाबी जरुर मिलनेवाली है, साथ ही जो आपके सपने है वह भी एक दिन साकार जरुर होंगे।

आप घर बैठे स्पीकिंग इंग्लिश की प्रॅक्टिस कर के अपने आप को एक उदाहरण तौर पर कामयाब दाबित कर सकते है और आपकी प्रेरणा से आप दूसरों को भी English Bolna सिखा सकते हो।

हम आशा करते हैं की आपके इस सवाल यानि English Bolna Kaise Sikhe का उत्तर आपको इस आर्टिकल में अच्छे से समझ आया होगा। और साथ ही अगर आपका कोई सुझाव है इस आर्टिकल को लेकर तो अपना अनुभव हमें Comment के ज़रिये ज़रूर बताएं।

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