Essay of Corruption in Hindi भ्रष्टाचार (Corruption) पर निबंध विशुद्ध हिंदी में

मित्रों, इस लेख में Essay of Corruption in Hindi में बताया जाएगा और वो भी सरल हिंदी में । भ्रष्टाचार पर निबंध पढ़ने के इच्छुक इस लेख को विस्तार से पढ़ें। इस लेख में हमने जो विषय कवर किये हैं वह इस परकरर हैं, भ्रष्टाचार किसे कहते हैं ? भ्रष्टाचार कितने प्रकार के हो सकते हैं ? भ्रष्टाचार करने के तरिके और भ्रष्टाचार से होने वाले नुक्सान

जब भी हम किसी भी सरकारी ऑफिस में जाते हैं , भारत के किसी भी सरकारी संस्थान में जाते हैं या सरकार से जुड़े किसी भी विभाग में जाते हैं तो हमें वहाँ एक ही शब्द हैं , जो प्रमुखता से सुनाई देता हैं । वह हैं भ्रष्टाचार । यह शब्द इतना सुनाई देता हैं कि लगने लगता हैं कि सरकार से जुड़े किसी भी महकमे में यदि काम निकलवाना हैं तो इस भ्रष्टाचार रूपी शब्द से जरूर रूबरू होना पड़ेगा । ना चाहते हुए भी आपको इससे ही काम निकलवाना पड़ता हैं । पिछले लेख में हमने पढ़ा था Bharat Me Kul Kitne Rajya Hai और आज हम भारत में फैले भ्रष्टाचार के निबंध को आपके साथ साँझा करेंगे।

तो चलिए शुरू करते हैं Essay of Corruption in Hindi (भ्रष्टाचार पर निबंध) और जानते हैं भ्रष्टाचार क्या होता है ?

भ्रष्टाचार किसे कहते हैं ?  What is Corruption in Hindi

Essay of Corruption in Hindi के इस भाग में सबसे पहले  में सबसे पहले जानते हैं की भ्रष्टाचार क्या है

भ्रष्टाचार दो शब्दों से मिलकर बना हैं – भ्रष्ट और आचार जहां भ्रष्ट का अर्थ होता हैं नियम विरुद्ध और वही आचार का अर्थ होता है व्यवहार । इस तरह भ्रष्टाचार का अर्थ होता हैं नियम विरुद्ध काम करना या ऐसे व्यवहार को प्रदर्शित करना । जब कोई व्यक्ति किसी भी काम को पूरा करने के लिए रिश्वत लेता है , तो ये भ्रष्टाचार की श्रेणी में ही आता हैं । 

इस आधार पर हम अगर इसे साधारण भाषा में समझाए तो धोखाधड़ी या बेईमानी करना । जो व्यक्ति इस तरह का व्यवहार प्रदर्शित करता हैं उसे भ्रष्टाचारी , बेईमान कहते हैं । हमें इस भर्ष्टाचार को ख़तम करने की पहल करनी चाहिए और स्वामी विवेकानंद के नक़्शे कदम पर चलने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए।

सरकार या कानून द्वारा बनाए गए नियमों का उल्लंघन करना भी भ्रष्टाचार कहलाता हैं । भ्रष्टाचार की परिभाषा कोई स्थाई परिभाषा नही हैं। देश , काल , परिस्थितियों के हिसाब से इनकी परिभाषा में भी परिवर्तन होता रहता हैं । जैसे कि भारत मे रक्षा सौदों में लिए जाने वाले कमीशन को आपराधिक श्रेणी में रखा गया हैं इसलिए रक्षा सौदों में लिए जाने वाला कमीशन भ्रष्टाचार कहलाता हैं । जबकि विदेशो में यह एक समान्य प्रक्रिया हैं । कमीशन लेना वहां पर कानूनी अपराध नही हैं इसलिए वहां पर इसे भ्रष्टाचार नही माना जाता हैं ।

Essay of Corruption in Hindi : भ्रष्टाचार पर निबंध रूपरेखा

भ्रष्टाचार का अर्थ एवं संरचना :

यह एक ऐसा शब्द हैं जिसके कारण दुनिया मे सरकार बनती हैं और गिरती हैं । इसके कारण अनेक नेताओ का विश्व पटल पर उदय हुआ तो अनेक नेताओं का पटाक्षेप भी भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण ही हुआ । जैसे कि भारत मे किसी समय पूरे देश पर कांग्रेस पार्टी का शासन था ।

जबकि 2014 से पहले जब उसकी सरकार पर एक के बाद एक अनेक भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे तो 2014 के चुनावों में कांग्रेस सरकार नही बना पाई और भ्रष्टाचार के कारण देश मे ही नही जबकि विश्वपटल पर भी नरेंद्र मोदी जैसे विश्व नेता का उदय हुआ क्योंकि उस समय नरेंद्र मोदी का सिर्फ भ्रष्टाचार को मिटाने का वादा ही उन्हें इस मंजिल तक लेकर गया । आज नरेन्द्र मोदी भारत के दूसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं ।

ऐसा नही हैं कि भ्रष्टाचार के कारण सिर्फ सरकारें ही बदलती हैं । इसके कारण नई संस्कृतियों का भी जन्म होता हैं । अमेरिका में कैथोलिक चर्च द्वारा अनुग्रह के बदलने जो शुल्क लिया जाता था , उसे मार्टिन लूथर किंग ने भ्रष्टाचार घोषित कर दिया और देखते ही देखते इसके विरुद्ध के वैश्विक आंदोलन खड़ा हो गया । इस प्रकार खड़े हुए धार्मिक आंदोलन के कारण ईसाई धर्म मे धर्म सुधार की लहर शुरू हुई और इसके परिणामस्वरूप एक नए मत प्रोटेस्टेंट मत का प्रादुर्भाव हुआ ।

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भ्रष्टाचार के प्रकार Types of Corruption in Hindi

देश काल और परिस्थितियों के कारण भ्रष्टाचार अनेक प्रकार का होता हैं। क्या आप जानते हैं Kanishak Kataria जैसे कई IAS topper हमारे भारत का नाम रोशन करते हैं और दूसरी तरफ कुछ भ्र्ष्ट कर्मचारी हमारे गौरव को झुका देते हैं। ये कई प्रकार के भ्रष्टाचार करते हैं जिनमे से प्रमुख निम्न हैं –

1. बौद्धिक भ्रष्टाचार – Intellectual Corruption

यह एक प्रकार का शिक्षा के साथ किया जाने वाला खिलवाड़ हैं। इस प्रकार के भ्रष्टाचार के माध्यम से व्यक्ति को नैतिक पथ से अनैतिक पथ की तरफ अग्रसर किया जाता हैं ।

2. राजनैतिक भ्रष्टाचार – Political Corruption

यह अनेक प्रकार का भ्रष्टाचार होता हैं । अगर इसे ही सबसे बड़ा भ्रष्टाचार का क्षेत्र कहे तो को कोई अतिशयोक्ति नही होगी क्योंकि यही से सरकारी संस्थाओं में कमीशन बाजी का खेल प्रारम्भ होता हैं । यही से अनेक सौदों में कमीशन लिया जाता हैं , जनता के लिए किए जाने वाले कामों में भी उसकी गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ करके अधिक से अधिक कमीशन प्राप्त किया जाता हैं । पुलिस प्रशासन में भ्रष्टाचार , न्याययिक प्रक्रिया में भी होने वाला भ्रष्टाचार इसी श्रेणी में आता हैं ।

3. उद्योग जगत में भ्रष्टाचार – Industry World

इसमें व्यवसाय करने वाला व्यक्ति नए – नए तरीकों से सरकार को चुकाए जाने वाले टेक्स को कम से कम करने का प्रयास करता हैं । यही उद्योग जगत का भ्रष्टाचार कहलाता हैं ।

भ्रष्टाचार करने के तरीके – Methods of Corruption

  • भ्रष्टाचार हमेशा धन लेने और देने से ही नही किया जाता हैं । इसके लिए अनेक प्रकार के तरीके काम मे लिए जाते हैं ।
  • जैसे – हफ्ता वसूली , चुनावों में धांधली , काम के बदले सेक्स या सेक्स में बदले काम , वंशवाद , कालाबाजारी करना आदि ।

भ्रष्टाचार से होने वाले नुकसान – Disadvantages of Corruption in Hindi

भ्रष्टाचार क्या हैं और इसे कैसे किया जाता हैं इसके बारे में जानने के बाद एक बात तो स्पष्ट हो गई हैं कि इसका फायदा कुछ लोगों को ही मिलता है जबकि इससे होने वाले नुकसान के कारण अनेक लोगों से लेकर देश की अर्थव्यवस्था तक पर इसका बहुत ही गहरा और बुरा प्रभाव पड़ता हैं । भ्रष्टाचार के कारण होने वाली टेक्स चोरी के कारण सरकार के पास विकास कार्यों के लिए धन की कमी हो जाती हैं ।

जिसके कारण सरकार को जनता पर और ज्यादा मात्रा में टेक्स लगाए जाते हैं । जिसके आम जनता का महंगाई के कारण जीवन यापन करना मुश्किल हो जाता हैं । जब जनता को जीवनयापन करने में परेशानी का सामना करना पड़ता हैं जिससे देश मे अराजकता का माहौल पैदा हो जता हैं और देश , विकसित देशों के मुकाबले बहुत ही पीछे खड़ा दिखाई देता हैं ।

जब प्रशाशन में भ्रष्टाचार अपने पैर पसारता हैं तो आपराधिक लोग प्रशासन को अपनी अंगुलियों पर नचाने लगते हैं । जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हो जाते हैं और वे किसी भी प्रकार से कानून के चंगुल में नही फंस पाते हैं । जिससे आम लोगो मे डर का माहौल पैदा होता हैं और लोगो का प्रशाशन से विश्वास उठ जाता हैं और हर व्यक्ति भ्रष्टाचार के माध्यम से ही अपनी स्वार्थ पूर्ति करने का प्रयास करता हैं । जिसका सीधा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता हैं ।

निष्कर्ष – Conclusion of Corruption in Hindi

इस लेख का मुख्य विषय भर्ष्टाचार है। हमने इसके उपशीर्षक जैसे की भर्ष्टाचार क्या है, कितने प्रकार के होते हैं और भर्ष्टाचार से होने वाले नुक्सान क्या हैं ये सब विस्तार से कवर किया है।

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